ISRO Ka Full Form : इसरो के बारे में पूरी जानकारी

ISRO Ka Full Form : इसरो की पूरी जानकारी हिंदी में – इस पोस्ट में इन सभी टॉपिक्स को कवर करेंगे – ISRO का फुल फॉर्म क्या है, इसरो का पूरा नाम हिंदी में, इसरो क्या है, इसरो की स्थापना कब और कहाँ हुई, isro का  headquarter यानि मुख्यालय कहाँ है और इसरो के बारे में रोचक तथ्य।

अंतरिक्ष विज्ञान में आपकी रूचि है तो इसरो के बारे में आपको अवश्य जानना चाहिए। इसरो दुनिया को अचंभित करने वाले स्पेस कार्यक्रम सफल करके भारत का मान बढ़ाया है। पीएसएलवी-सी37 द्वारा किये गए कार्य को कौन भूल सकता है। 

अगर आप हमारे भारत की अंतरिक्ष संस्थान इसरो के बारे में जानना चाहते है तो इस पोस्ट को अंतिम तक जरूर पढ़ें। इसमें हम इसरो से सम्बंधित बहुमूल्य जानकारी आपके साथ साझा करेंगे। तो चलिए जानते है isro ki jankari hindi me.

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ISRO Ka Full Form – इसरो का फुल फॉर्म क्या है ?

कभी न कभी आपके मन में ये सवाल जरूर आया होगा कि isro का फुल फॉर्म क्या होता है ? अकसर ये सवाल कम्पटीशन एग्जाम में भी पूछे जाते है। तो ये रहा इसका फुल फॉर्म –

  • I – Indian
  • S – Space
  • R – Research
  • O – Organisation

यानि ISRO का फुल फॉर्म – Indian Space Research Organisation होता है। अब कोई आपसे इसरो का फुल फॉर्म पूछे तो फ़ौरन बता दीजियेगा।

ISRO Ka Pura Naam – इसरो का पूरा नाम हिंदी में ?

आप ये तो जान गए कि isro का फुल फॉर्म क्या होता है। लेकिन क्या आपको पता है कि इसरो को हिंदी में क्या कहते है ? यानि इसरो का पूरा नाम हिंदी में क्या है ? चलिए ये भी आपको बताते है।

इसरो को हिंदी में – भारतीय अंतरिक्ष रिसर्च संगठन कहा जाता है। ये भी महत्वपूर्ण GK सवाल है। ध्यान रहे कि इसरो का फुल फॉर्म और इसरो का पूरा नाम हिंदी में ये दोनों अलग – अलग है।

ISRO Kya Hai – इसरो क्या है ?

Indian Space Research Organisation (इसरो) भारत का राष्ट्रीय अंतरिक्ष संस्थान है। इसका मुख्य कार्य भारत के लिये अंतरिक्ष संबंधी तकनीक उपलब्ध करवाना है। भारतीय अंतरिक्ष रिसर्च संगठन में 17 हजार से अधिक कर्मचारी एवं वैज्ञानिक काम काम कर रहे है। 

इसरो अपने अलग अलग स्पेस कार्यक्रम से दुनिया को अचंभित किया है। पीएसएलवी-सी37 15 फरवरी 2017 को कुल 104 उपग्रहों को पृथ्वी की कक्षा में स्थापित करके एक नया विश्व रिकॉर्ड बनाया है। इससे पहले 37 सैटेलाइट लांच करने का रिकॉर्ड रूस के पास था।

चंद्रयान 1  के द्वारा इसरो ने चाँद पर पानी की मौजूदगी का पता लगाया था। इसके साथ ही भारत चन्द्रमा पर पानी का पता लगाने वाला पहला देश बन गया। अब चंद्रयान 2 इससे भी बड़े मिशन पर है। जिससे हम चन्द्रमा के बारे में और ज्यादा महत्वपूर्ण जानकारी जुटा पाएंगे।

इसरो के पास 2 प्रमुख रॉकेट्स है पहला – PSLV (Polar Satellite Launch Vehicle) और दूसरा GSLV (Geosynchronous Satellite Launch Vehicle) इनके द्वारा ही आज भारत अंतरिक्ष में तिरंगा लहरा रहा है। 

इसरो के संबंध में और अधिक और सटीक जानकारी उनके ऑफिसियल वेबसाइट पर भी मिल जायेगा। आप यहाँ से इसरो की वेबसाइट पर विजिट करके हिंदी और इंग्लिश दोनों भाषा में इसरो की जानकारी पढ़ सकते है – isro.gov.in

ISRO Ki Sthapna Kab Hui – इसरो की स्थापना कब हुई ?

जब हम इसरो के बारे में जानकारी साझा कर रहे है तो इसरो की स्थापना कब और कहाँ हुई ये भी सवाल महत्वपूर्ण हो जाता है। तो चलिए इसके बारे में भी आपको बताते है। 

भारतीय अन्तरिक्ष अनुसन्धान संगठन (इसरो) की स्थापना 15 अगस्त 1969 में की गई थी। पहले इसका नाम INCOSPAR (इन्कोस्पर) था।

डाॅ. विक्रम साराभाई को भारतीय अन्तरिक्ष अनुसन्धान संगठन यानि इसरो का जनक कहा जाता है। चलिए अब इसरो के मुख्यालय के बारे में जानते है। 

ISRO Ka Headquarter – इसरो का मुख्यालय कहाँ है ?

बहुत से प्रतियोगी परीक्षा में पूछे जा सकते है कि इसरो का मुख्यालय कहाँ है ?  इसरो का headquarter यानि मुख्यालय बेंगलुरु (कर्नाटक) है।

अंतिरक्ष विभाग तथा इसरो मुख्‍यालय का पता है – अंतरिक्ष भवन, न्‍यू बीईएल रोड़, बेंगलूरु-560 231 यहाँ प्रायोजित अनुसंधान योजनाओं, उपग्रह संचार, अंतरिक्षविज्ञान, अंतर्राष्‍ट्रीय सहयोग आदि संबंधी कार्यो का समन्‍वयन किया जाता है। 

Interesting Facts About ISRO – इसरो के बारे में रोचक तथ्य

» इसरो का पहला उपग्रह आर्यभट्ट 19 अप्रैल 1975 को रूस की सहायता से लांच किया गया था।

» इसरो में लगभग 17 हजार वैज्ञानिक काम कर रहे है। आप ये जानकर हैरान हो जायेंगे कि इनमे से कई वैज्ञानिकों ने विवाह नहीं किया और अपना पूरा जीवन इसरो को समर्पित कर दिया है।

» इसरो का खर्च नासा के मुकाबले काफी कम है। बता दें कि इसरो का पिछले 40 वर्ष का खर्च नासा के एक वर्ष के खर्च के आधे से भी कम है।

» इसरो की इंटरनेट स्पीड 2GBps है। वही नासा की इंटरनेट स्पीड 91GBps है।

» सन 1981 में APPLE Satellite को संसाधनों की कमी की वजह से बैलगाड़ी पर ले जाया गया था।

» एक बार में सबसे ज्यादा सैटेलाइट छोड़ने का रिकार्ड भारत के नाम है। क्योंकि इसरो ने 15 फरवरी 2017 को PSLV-C37 रॉकेट की सहायता से अंतरिक्ष में एक साथ 104 सैटेलाइट को अंतरिक्ष में भेजा था।

» भारत द्वारा लांच किया गया पहला स्वदेशी उपग्रह SLV-3 था।

» मिशन चंद्रयान-1 की वजह से भारत चांद पर पानी खोजने वाला पहला देश बन गया है।

» मिशन मंगलयान के मंगल पर पहुंचने के साथ ही भारत पहले ही प्रयास में मंगल में पहुंचने वाला पहला देश बन गया।

» सन 2022 तक गगनयान मिशन के तहत तीन लोगों को अंतरिक्ष में भेजे जाने का लक्ष्य रखा गया है।

इसी तरह इसरो के बारे में और भी इंटरेस्टिंग फैक्ट है जो आपको गौरवान्वित करेगा। आप यहाँ से और भी इसरो की रोचक तथ्य पढ़ सकते है – इसरो के बारे में रोचक तथ्य

फुल फॉर्म से सम्बंधित ये जानकारी भी पढ़िये –

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निष्कर्ष (Conclusion)

ISRO का फुल फॉर्म और इसरो क्या है इसके बारे में पूरी जानकारी साझा करने की कोशिश किया गया है। क्या ये जानकारी आपको पसंद आया ? क्या अंतरिक्ष विज्ञान में आप रूचि रखते है ? अगर हाँ तो क्या आप इसरो में जाना चाहेंगे ? अपना विचार नीचे कमेंट बॉक्स में शेयर जरूर करेंगे। 

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