2020 में विश्व की कुल जनसंख्या कितनी है

इस आर्टिकल में आप जानेंगे कि 2020 में विश्व की कुल जनसंख्या कितनी है ? आपको पता ही होगा कि विश्व में सबसे ज्यादा जनसँख्या वाला देश चीन है। जिसकी कुल आबादी 140 करोड़ है। उसके बाद 135 करोड़ की जनसँख्या के साथ दूसरे स्थान पर आता है हमारा भारत।

क्या आपके मन में ये सवाल आया कि अभी यानि 2020 दुनिया की आबादी कितनी है ? अगर हाँ तो चलिए आपको संयुक्त राज्य अमेरिका की जनगणना ब्यूरो के अनुसार वर्ल्ड की जनसँख्या रिपोर्ट बताते है।

पुरे विश्व में जनसंख्या लगातार बढ़ रही है। ज्यादातर देश जनसँख्या नियंत्रण पर अंकुश लगाने के लिए सरकारी योजनाएं चला रहे है। जब बात जनसंख्या नियंत्रण की हो रही है तो चलिए विश्व जनसँख्या दिवस के बारे में भी थोड़ी नॉलेज आपको दे ही देते है। 

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विश्व जनसँख्या दिवस : विश्व की जनसँख्या पर अंकुश लगाने के लिए संयुक्त राष्ट्र ने साल 1989 में 11 जुलाई को World Population Day मनाने की घोषणा किया। तब से प्रतिवर्ष 11 जुलाई को विश्व जनसँख्या दिवस मनाया जाता है। इस दिन लोगों को जनसंख्या नियंत्रण के प्रति जागरूक करने के लिए विविध कार्यक्रम आयोजित किये जाते है। 

विश्व की कुल जनसंख्या कितनी है ?

संयुक्त राज्य अमेरिका की जनगणना ब्यूरो के अनुसार पुरे विश्व की जनसंख्या लगभग 7.531 अरब है। वही वर्ल्ड मीटर वेबसाइट जो लाइव करेंट वर्ल्ड पॉपुलेशन बताती है के अनुसार विश्व की वर्तमान जनसँख्या 7.7 अरब हो गया है।

जनसँख्या वृद्धि एक नज़र : 1950 में पुरे विश्व की जनसँख्या 250 करोड़ थी, वही 2019 में तेजी से बढ़कर 7.5 अरब के पार चला गया है। दुनिया की आबादी तेजी से बढ़ रहा है जिस पर समय रहते अंकुश लगाना बेहद जरुरी है।

जनसँख्या वृद्धि अनुमान : वर्ल्ड मीटर वेबसाइट के अनुसार तेजी से बढ़ रही जनसँख्या वृद्धि को देखते हुए, विश्व की जनसँख्या 2023 में 8 अरब तक पहुँचने का अनुमान है। वही 2037 में 9 अरब और 2055 में विश्व की जनसँख्या 10 अरब होने का अनुमान है।

हम भारत की बात करें तो कुछ आंकड़े बताते है कि जिस तरह भारत की जनसँख्या तेजी से बढ़ रहा है, उसे देखते हुए आने वाले दिन में जनसँख्या के मामले में भारत चीन को भी पीछे छोड़ देगा।

इस आर्टिकल के माध्यम से आप जान गए होंगे कि 2020 में विश्व की कुल जनसंख्या कितनी है। पुरे world की पापुलेशन लगातार बढ़ रहा है। खासकर हमारे भारत की। और दूसरे विकसित देशों की तरह हमारे भारत में जनसँख्या नियंत्रण पर गंभीरता पूर्वक कार्य भी नहीं किये जा रहे है।

जिसके कारण आज भी भारत की एक बड़ी आबादी शिक्षा, स्वास्थ्य, पानी, बिजली जैसी मुलभुत जरूरतों से दूर है। अगर इस मामले में सरकार समय रहते कोई ठोस कदम नहीं उठाती तो अन्य देशों की तुलना में भारत और भी पिछड़ता जायेगा।

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